शिक्षा मनोविज्ञान का अर्थ, क्षेत्र व उपयोगिता

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शिक्षा मनोविज्ञान का आधार मानव व्यवहार है मनोविज्ञान शिक्षा को आधार प्रदान करता है। क्रो एण्ड क्रो के अनुसार शिक्षा मनोविज्ञान को व्यावहारिक विज्ञान माना जाता है, शिक्षा मनोविज्ञान सीखने के कैसे व क्या से संबंधित है।

आधुनिक शिक्षामनोविज्ञान में थार्नडाईक व कैटल का योगदान है।

शिक्षा मनोविज्ञान दो शब्दों से मिलकर है :

(1) शिक्षा (2) मनोविज्ञान

को एण्ड क्रो ” शिक्षा व्यक्तिकरण व समाजीकरण की प्रकिया है जिसके सर्वांगीण विकास पर बल दिया जाता है।” शिक्षा :- शिक्षा शब्द की उत्पत्ति ‘शिक्ष’ धातु से हुई है जिसका अर्थ है सीखना।

सीखने के तीन तत्व (जॉन डीवी)

पुस्तक ‘शिक्षा तथा समाज” जॉन डीबी के अनुसार शिक्षा त्रिमार्गिय प्रक्रिया, इन्होंने प्रगतिशील शिक्षा की अवधारणा दी जिसके अनुसार बालक एक सक्रिय विद्यार्थी होता है, रुचि, प्रयास महत्वपूर्ण है। शिक्षक समाज में ईश्वर का प्रतिनिधि है। शिक्षा में जनतांत्रिक मूल्यों की स्थापना पर बल व शिक्षा को सामाजिक विकास साधन मानना व सभी बालक एक सुयोग्य शिक्षा पाने के लायक होते है।

(1) शिक्षक (2) शिक्षार्थी (3) पाठयक्रम

जॉन एण्डम्स ने सीखने के दो तत्व माने हैं

जॉन डिवी प्रथम शिक्षाविद् है।

पाठ्यक्रम

छात्र

शिक्षा का संकीर्ण अर्थ :- (1) लिखना (Writing), (2) पढना ( Reading) (3) गणना करना ( Arithmetic अथवा विद्यालय तक सीमित रहने वाली शिक्षा

शिक्षा व्यापाक अर्थ :- महात्मा गांधी ने दिया

1, मानसिक विकास = 1 acad

  1. क्रियात्मक विकास = 1 fand वह शिक्षा जो जीवन पर्यन्त चलती है।
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